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Monday, March 4, 2013

मोदी की कल की गर्जना से अमेरिका दहशत में

नरेंद्र मोदी का भाषण रद्द करने के विरोध में वार्टन इंडिया इकनॉमिक फोरम के मुख्य स्पॉन्सरों में से एक अदानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदानी और पूर्व केंद्रीय ऊर्जा मंत्री व शिवसेना नेता सुरेश प्रभु ने इकनॉमिक फोरम में नहीं जाने का फैसला किया है।

अमेरिका कल के दिल्ली में मोदी की गर्जना से बुरी तरह सहम गया है . ...उसे लग रहा है कि मोदी की लोकप्रियता इसी तरह बढ़ती गयी तो अमेरिकी आर्थिक हितों का हितैषी एजेंट कभी भारत का पीएम नहीं बन पायेगा . एजेंट के लिए लग रहा मिडिया का शातिराना जोर भी धरा रह जाएगा. इसीलिये मोदी के अमेरिका में होने वाली प्रेस कांफ्रेस रद्द की गयी .
`अमेरिका भारत में बढ़ते राष्ट्रवाद से भयभीत हो गया है . अमेरिका को भय है कि भारत में बढ़ते राष्ट्रवाद से अमेरिकी बहुराष्ट्रीय कंपनियों को बहुत हानि उठानी पड़ सकती है.जो निश्चय ही अमेरिका के आर्थिक हितों को नुक्सान पहुंचाएगा. चूँकि मोदी भारतीय राष्ट्रवाद के प्रतीक बन गए हैं अतः अमेरिका नहीं चाहता है कि मोदी उसी के देश में व्याख्यान देकर भारतीय राष्ट्रवाद को और मजबूती प्रदान करने में सहयोग दे.
सविडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी का भाषण रद्द करना प्रतिष्ठित वार्टन इंडिया इकनॉमिक फोरम को महंगा पड़ता दिख रहा है। नरेंद्र मोदी का भाषण रद्द करने के विरोध में वार्टन इंडिया इकनॉमिक फोरम के मुख्य स्पॉन्सरों में से एक अदानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदानी और पूर्व केंद्रीय ऊर्जा मंत्री व शिवसेना नेता सुरेश प्रभु ने इकनॉमिक फोरम में नहीं जाने का फैसला किया है। वार्टन इंडिया इकनॉमिक फोरम के सदस्य सुरेश प्रभु ने यह कहते हुए अपना दौरा रद्द किया है कि मोदी का भाषण रद्द करना देश का अपमान है।

इसके पहले अदानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदानी ने भी अपना वार्टन विजिट कैंसल कर दिया है। उन्होंने यह फैसला नरेंद्र मोदी के पक्ष में लिया है। अदानी ग्रुप वार्टन इंडिया इकनॉमिक फोरम के मुख्य स्पॉन्सरों में से एक है।

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