आतंकवाद,अफज़ल को रिहा कराने के प्रस्ताव,आतंकवाद या अन्ना के अनशन के बाद से लगभग भूल चुके लोकपाल बिल पर बात होगी.मगर अफसोस आज भी वही मोदी,उसपर नितीश ने क्या कहा,सुषमा के बयान पर मेह्बूबा क्या बोली,राज को उद्धव ने क्या कहा?बस यही समाचार है इस देश में कोई तो सोचो,कुछ तो सोचो.
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