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Saturday, September 17, 2011

बिकता रहा धर्म हमारा इन नेताओं के लिये



बिकता रहा धर्म हमारा इन नेताओं के लिये
खून भी बहाता रहा इनकी राजनीति के लिये
आंतक फैलाया किसी ने यहाँ किसी के लिये
नफरत फैलाई किसी ने यहाँ किसी के लिये
जाग जाओ भारतवासियों एक दूजे की जान के लिये
... साथ आओ हिंदुस्तानियों अब खुद को बचाने के लिये
आम आदमी क्यों मरता रहे 'प्रतिबिम्ब' इनके लिये
कब करेगे राजनीति हमारे ये नेता अपने देश के लिये

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