स्पीकर-
मैट किलिंग्सवर्थ प्रोफाइल : सॉफ्टवेयर प्रोडक्ट मैनेजर के तौर पर काम
किया। आईफोन के लिए ट्रैक योर हैप्पीनेस एप बना चुके हैं। TED पर अब तक
1,54,959 लोग सुन चुके हैं। लोग जिंदगी से बहुत कुछ चाहते हैं। मगर, मुझे
लगता है कि किसी भी दूसरी चीज की अपेक्षा वे खुशी चाहते हैं। अरस्तु ने
खुशी को सबसे बड़ी उपलब्धि कहा है। सभी बातों का उद्देश्य अंत की दिशा में
यही है। इस दृष्टिकोण के अनुसार, बड़े घर, अच्छी कार या अच्छी नौकरी की
चाहत इसलिए नहीं है क्योंकि ये बेशकीमती हैं। दरअसल, इन चीजों से हम अपने
लिए खुशी पाने की उम्मीद रखते हैं। कुछ सालों पहले तक साइंस फिक्शन लगने
वाली टेक्नोलॉजी आज हमारे पास है। खुशी का विरोधाभास यह है कि हमारे
उद्देश्यों में भले ही नाटकीय रूप से सुधार हुआ है। इसके बावजूद हम खुश
नहीं हैं। लोग हजारों सालों से खुशी के कारणों पर चर्चा कर रहे हैं। मगर,
लगता है कि इस चर्चा का अभी तक हल नहीं निकल सका है। वैज्ञानिक पद्धति इस
सवाल का जवाब देने में सक्षम है। पिछले कुछ सालों में खुशी पर काफी शोध
हुआ है। उदाहरण के लिए हमने, जनसांख्यिकी से काफी कुछ सीखा है कि कैसे आय
और शिक्षा, लिंग और विवाह इससे जुड़े हैं। मगर, इस पहेली ने एक बात साफ की
है कि इन कारकों का कोई खास प्रभाव नहीं है। हां ये अच्छा है कि आप अधिक
पैसे कमाते हैं, कॉलेज छोड़ने की बजाय ग्रेजुएशन पूरी करते हैं। लेकिन इससे
खुशी में होने वाला अंतर कम ही है। तो असली खुशी का कारण क्या है? मुझे
लगता है कि इस सवाल का जवाब हमें अभी तक नहीं मिला। योग्यता और हमारी खुशी
के बीच क्या संबंध है, यह भी अभी तक स्पष्ट नहीं है। आपने लोगों को कहते
हुए सुना होगा कि वर्तमान पर ध्यान दो। हर पल को जियो और उसमें मिलने वाले
आनंद का अनुभव करो। शायद यही वास्तविक खुशी का राज है। शायद वे सही हों। मन
को भटकाना गलत है। हमारे सामने की स्थितियों को तो हम नहीं बदल सकते हैं,
लेकिन मन तो कहीं भी जा सकता है। आपकी खुशी को जानने के लिए मैंने तीन
सवाल पूछे। पहला, आप खुशी के पैमाने पर अच्छे से खराब के बीच खुद को कहां
पाते हैं। दूसरा, कुछ चीजों जैसे खाने, टीवी देखने, काम करने में से आप
अपनी प्राथमिकता की सूची में क्या चाहते हैं? तीसरा, क्या वर्तमान में काम
करने के दौरान आपका मन कहीं और भटका है। लोग नहीं या हां कह सकते हैं। मगर,
यहां ग्राफ से पता चलता है कि जो लोग वर्तमान पल को जी रहे थे और जिनका मन
नहीं भटका था, वे अधिक खुश थे। निष्कर्ष यह है कि खुश रहने के लिए हर पल
को जियो।
No comments:
Post a Comment
http://rktikariha.blogspot.com/