राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल की विभिन्न विदेशी यात्राओं पर 205 करोड़ रुपए का खर्च आया और उन्होंने इस मामले में अपने सभी पूर्ववर्तियों को पीछे छोड़ दिया है। प्रतिभा पाटिल जुलाई 2007 में देश की पहली महिला राष्ट्रपति बनीं। उस समय से वह 12 विदेशी यात्रा कर चुकी हैं। वह चार महादेशों में 22 देशों की यात्रा पर गयी हैं। उनके कार्यकाल में चार महीने बाकी हैं और उनका दक्षिण अफ्रीका की यात्रा पर जाने का कार्यक्रम है।
सूचना का अधिकार (आरटीआई) आवेदनों पर मिली जानकारी के अनुसार प्रतिभा के विदेश दौरे में एयर इंडिया के विमानों के इस्तेमाल पर 169 करोड़ रुपए का खर्च आया। उन्होंने यात्रा के लिए अक्सर चार्टर्ड विमान बोइंग 747, 400 का इस्तेमाल किया। उनकी यात्राओं में उनके परिवार के सदस्य भी होते थे। भूटान की यात्रा के लिए छोटे जेट का इस्तेमाल किया गया था।
प्राप्त सूचना के अनुसार विदेश मंत्रालय ने यात्राओं पर 36 करोड़ रुपए का व्यय किया। यह खर्च ठहरने, स्थानीय यात्रा, दैनिक भत्ता और अन्य खर्चों में किया गया। आरटीआई आवेदन तीन साल के दौरान दाखिल किए गए थे और संबंधित अधिकारियों ने सूचना मुहैया कराने में काफी अनिच्छा प्रदर्शित की।
राष्ट्रपति द्वारा चार्टर्ड विमानों के उपयोग के लिए रक्षा मंत्रालय एयर इंडिया को भुगतान करता है। मंत्रालय आरटीआई आवेदनों पर सूचना देने के लिए बहुत उत्साहित नहीं था। रक्षा मंत्रालय ने 169 करोड़ रुपए के बिल पर करीब 153 करोड़ रुपए का भुगतान किया है और अभी करीब 16 करोड़ रुपए बकाया है। प्रतिभा अभी तक ब्राजील, मेक्सिको, चिली, भूटान, वियतनाम, इंडोनेशिया, स्पेन, पोलैंड, रूस, ब्रिटेन, चीन, लाओस, कंबोडिया, संयुक्त अरब अमीरात, मारिशस आदि देशों की यात्रा कर चुकी हैं और उन्होंने कुल 79 दिन बाहर बिताया है। उनके पूर्ववर्ती ए पी जे अब्दुल कलाम सात विदेशी यात्राओं पर 17 देश गए थे वहीं के आर नारायणन छह दौरों में 10 देशों की यात्रा की जबकि शंकर दयाल शर्मा ने चार दौरों में 16 देशों की यात्रा की।
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