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Friday, September 24, 2010

10 साल हो गए शादी के, तब से कुछ नहीं खाया

उचाना(हरियाणा)| भोजन के बिना जीवन की कल्पना करना बेमानी है मगर उचाना खुर्द की एक महिला पिछले दस सालों से बगैर कुछ खाए अपनी जीवन की गाड़ी दौड़ा रही है। इतना ही नहीं वह घर के सभी काम [^]-काज आसानी से कर लेती है। थुआ निवासी 25 वर्षीय सुनीता की शादी सन 2000 में हंसपाल के साथ हुई थी।
उस समय जब नई दुल्हन को परिजनों ने भोजन परोसा तो उसने कुछ नहीं खाया। परिजन यह समझकर कि शायद शर्म कर रही है, उसे गंभीरता से नहीं लिया। धीरे-धीरे कई दिन बीत जाने पर भी जब उसने कुछ नहीं खाया तो हंसपाल का परिवार चिंतित हो गया। वे दो भाई एवं दो बहन है। शादी से पहले वह अपने गांव में सब कुछ खाती थी, लेकिन शादी के बाद उसे कुछ भी खाना अच्छा नहीं लगता। सुनीता ने तब से भोजन नहीं किया है।
कमरे में रखकर की निगरानी
हंसपाल ने बताया कि चेक करने के लिए एक दिन सुनीता को पूरे दिन कमरे में घरवालों की निगरानी में रखा गया। शाम को सुनीता ने खाने के लिए कुछ नहीं मांगा। सास भरपो ने बताया कि सुनीता का बिना खाए अपना रोज का काम निपटाना आश्चर्यजनक लगता है। दूर-दराज से लोग सुनीता को देखने उनके घर भी आते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि स्वास्थ्य [^] अधिकारी टीम के साथ आकर सुनीता का चेकअप करें और सरकारी स्तर पर उसका इलाज कराया जाए।
डॉक्टरों को कराया चेकअप
सुनीता की सास भरपो ने बताया कि उसको लेकर वे कई बार हिसार, कैथल व जींद के प्राइवेट तथा सरकारी अस्पतालों में जा चुके हैं, लेकिन डाक्टर उसे कोई बीमारी नहीं बता रहे हैं। कई बार सुनीता को जबरदस्ती रोटी खिलाने व दूध, चाय और लस्सी पिलाने का प्रयास किया गया तो कुछ देर बाद उसे उल्टी हो गई। वह पानी तक की जरूरत नहीं महसूस करती। सुनीता के एक बच्चा [^] है जो सामान्य है।
सुनीता का कहना है कि कभी-कभार वह स्वयं कुछ खाना चाहती है तो उल्टी होने लगती है। वह घर का सारा काम करती है। हालांकि इधर कुछ समय से उसे थकान की शिकायत होने लगी है। उसके पति हंसपाल ने बताया कि सुनीता को वे हिसार के एक प्रसिद्ध चिकित्सक के यहां दिखा चुके हैं, लेकिन उसको कोई बीमारी नहीं होने की बात कही गई।

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