18
साल से कम उम्र के बच्चों के हाथों में गाड़ी का स्टियरिंग देना एक तरह से
बच्चों को मौत बांटने का लाइसंस देने के जैसा है। क्योंकि इन बच्चों को यह
पता नहीं होता कि इनकी एक गलती से कितना बड़ा हादसा हो सकता है और इसका
अंजाम कितना बुरा हो सकता है। उन्हें यह मालूम नहीं होता कि उनकी एक गलती
बहुत से लोगों की जिंदगी छिन सकती है और कई लोगों को अपंग बना सकती है।
क्या आपको नहीं लगता कि ऐसे में बच्चों का दोष कम और उनके माता पिता का
दोष ज्यादा होता है। क्या आपको लगता है कि इस तरह के मामले में इन बच्चों
के माता-पिता को सज़ा मिलनी चाहिए। इस तरह के हादसे में उनपर ही जुर्माना
लगना चाहिए और उन्हीं से हादसे में घायल लोगों के इलाज का खर्चा वसूलना
चाहिए?
No comments:
Post a Comment
http://rktikariha.blogspot.com/