पटना। महज 8 हजार रुपये की खातिर बिहार में एक 12 वर्षीय लड़की को उसकी
नानी ने उत्तर प्रदेश के एक जिस्मखोर को बेच दिया। इसके पहले उसकी बड़ी बहन
को भी बेच दिया गया था। शादी की आड़ में 12 वर्षीय टीना ( काल्पनिक नाम)
का कई माह तक रेप किया जाता रहा और तरह-तरह की यंत्रणाएं दी जाती रहीं। इस
दौरान लड़की प्रेग्नेंट हो गई और उसे एक बच्चा भी हो गया।
संयोगवश, मौका पाकर टीना बच्चे के साथ भाग कर बिहार में अपनी मां के पास लौट आई। 'बचपन बचाओ आंदोलन' के कार्यकर्ताओं ने ग्रामीणों से सूचना मिलने पर इस मामले में कानूनी कार्रवाई की शुरूआत की।
बताते चलें कि बिहार के पूर्णिया और अररिया जिले में चाइल्ड ट्रैफिकिंग के मामले बहुत ज्यादा बढ़ गए हैं। सरकार और प्रशासन के तमाम दावों के बावजूद इस पर रोक नहीं लग पा रही है। करीब 6 माह पहले चाइल्ड ट्रैफिकिंग की शिकार एक नाबालिग और उसके 3 बच्चों को सुसाइड करने से 'बचपन बचाओ आंदोलन' के कार्यकर्ताओं ने बचाया था।
12 वर्षीय टीना और उसके पांच माह के बच्चे की बरामदगी सोमवार को हुई। इस मामले में 'मुक्ति कारवां' और 'बचपन बचाओ आंदोलन' जैसे संस्थाओं से जुड़े लोगों ने स्थानीय थाने में बलात्कार, अवैध संबंध बनाने के लिए अपहरण करने आदि का मामला दर्ज कराया है, लेकिन खबर लिखे जाने तक एफआईआर का विवरण प्राप्त नहीं हो सका है।
बचपन बचाओ आंदोलन ने बाल कल्याण समिति से इस पर कड़ा रुख अख्तियार करने की अपील की है। प्राप्त सूचना के अनुसार दर्ज मामले के आधार पर पीड़िता के कथित पति और नानी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
संयोगवश, मौका पाकर टीना बच्चे के साथ भाग कर बिहार में अपनी मां के पास लौट आई। 'बचपन बचाओ आंदोलन' के कार्यकर्ताओं ने ग्रामीणों से सूचना मिलने पर इस मामले में कानूनी कार्रवाई की शुरूआत की।
बताते चलें कि बिहार के पूर्णिया और अररिया जिले में चाइल्ड ट्रैफिकिंग के मामले बहुत ज्यादा बढ़ गए हैं। सरकार और प्रशासन के तमाम दावों के बावजूद इस पर रोक नहीं लग पा रही है। करीब 6 माह पहले चाइल्ड ट्रैफिकिंग की शिकार एक नाबालिग और उसके 3 बच्चों को सुसाइड करने से 'बचपन बचाओ आंदोलन' के कार्यकर्ताओं ने बचाया था।
12 वर्षीय टीना और उसके पांच माह के बच्चे की बरामदगी सोमवार को हुई। इस मामले में 'मुक्ति कारवां' और 'बचपन बचाओ आंदोलन' जैसे संस्थाओं से जुड़े लोगों ने स्थानीय थाने में बलात्कार, अवैध संबंध बनाने के लिए अपहरण करने आदि का मामला दर्ज कराया है, लेकिन खबर लिखे जाने तक एफआईआर का विवरण प्राप्त नहीं हो सका है।
बचपन बचाओ आंदोलन ने बाल कल्याण समिति से इस पर कड़ा रुख अख्तियार करने की अपील की है। प्राप्त सूचना के अनुसार दर्ज मामले के आधार पर पीड़िता के कथित पति और नानी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
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