क्या आपको पता है सन 1945 में जब देश की अंतरिम सरकार गठन हुआ नेहरु इसके प्रधान थे , डॉ श्यामा प्रशाद मुखर्जी इसके मंत्री थे उस समय देश की जो रूप रेखा तय अंग्रेजो ने की थी ,जैसे देश का तीन हिस्सों में विभाजन तब संघ के गोवलकर जी ने इसका विरोध किया था , मगर नेहरु और गाँधी ने देश के विभाजन को सही ठहराया था ,,,,
जबकि संघ ने उस समय कहा था की हमे किसी ऐसी सरकार के निर्माण की जरूरत नहीं है जो देश की किसी भी आधार पर बाँटने की बात करती ही !!
और डॉ श्यामा प्रशाद मुखर्जी ने तो यहाँ तक कह दिया की एक देश दो निशान दो सविधान ,,, नहीं चलेंगे नहीं चलेंगे !!..
और डॉ श्यामा प्रशाद मुखर्जी ने तो यहाँ तक कह दिया की एक देश दो निशान दो सविधान ,,, नहीं चलेंगे नहीं चलेंगे !!..
No comments:
Post a Comment
http://rktikariha.blogspot.com/