पहले अन्ना अपनी टीम में उन लोगों से बचें जिनकी सोच देश को ही बांटने वाली है. अगर वो ऐसा नहीं करते तो दिग्विजय सिंह जैसे कांग्रेसी एक-एक तीर से कई-कई निशाने साधते रहेंगे. यह मौका क्यूं दिया जाये उन नेताओं को जिनकी रोज़ी सत्ता की रोटी सेंकने से चलती है.
ये बहस जारी रहेगी और हमारी कोशिश होगी कि अन्ना के भोलेपन को अपना मुखौटा बनाने वाले टीम अन्ना के कुछ लोगों के चेहरे से नकाब खींचा जाए क्योंकि ये वो लोग हैं जो इतने बड़े जनांदोलन के लिए सत्ता से भी ज्यादा घातक हैं
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