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Friday, October 21, 2011

सुरेन्द्र दुबे की कविता

एक अमेरिकन मुझसे बोला"कविवर" बताइये आपका भारत महान है !
तो सँसार के इतने आविष्यक...रो मेँ आपके देश का क्या योगदान है ?

मैँ बोला रे अमेरिकन सुन,सँसार की पहली फायर प्रूफ लेडी भारत मेँ हुई थी !
नाम था "होलिका" आग मैँ जलती नही थी,इसलिये उस वक्त फायर ब्रिगेड चलती नही थी !!
...
सँसार की पहली वाटर प्रूफ बिल्डिँग भारत मेँ हुई नाम था भगवान विष्णु शैया "शेषनाग" !
शेषनाग पाताल गये धरती पर रहे "विशेषसनाग"

दुनिया के पहले पत्रकार "नारदजी" हुये जो किसी राजव्यवस्था से नही डरते थे !
तीने लोक की सनसनी खेज रिपोर्टिँग करते थे !!

दुनिया के पहले कॉँमेन्टेटर "सँजय" हुऐ जिनहोने नया इतिहास बनाया !
महाभारत के युद्ध का आँखो देखा हाल अँधे "ध्रतराष्ट्र" को उन्ही ने सुनाया !!

दादागिरी करना भी दुनिया हमने सिखाया क्योँ वर्षो पहले हमारे "शनिदेव" ने ऐसा आतँक मचाया !!
कि "हफ्ता" वसूली का रिवाज उन्ही के शिष्यो ने चलाया !

आज भी उनके शिष्य हर शनिवार को आते है !
उनका फोटो दिखाते है हफ्ता ले जाते है !!
अमेरिकन बोला कविवर फालतू की बाते मत बनाओ !
कोई ढँग का आविष्यकार हो तो बताओ !!

(जैसे हमने इँसान की किडनी बदल दी, बाईपास सर्जरी कर दी आदि)

मैँ बोला रे अमेरिकन सर्जरी का तो आइडिया ही दुनिया को हमने दिया था !
तू ही बता "गणेशजी" का ऑपरेशन क्या तेरे बाप ने किया था!!
अमेरिकन हडबडाया, गुस्से मैँ बडबडाया !
देखते ही देखते चलता फिरता नजर आया !!

तब से पूरी दुनिया को भान है !
दुनिया मुल्क कितने ही हो सब मे मेरा "भारत" महान है !!

                                                                     सुरेन्द्र दुबे
 

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