मेरा चंदा रहे सलामत, यही अर्ज़ भगवान से।
नीलगगन के प्यारे चंदा, सुन बतियाँ यह ध्यान से।।...
वे मेरी सपनो की आशा, उनके बिना अधूरी हूँ।
पास रहे वे तो लगता है, तन-मन से मै पूरी हूँ।
बिन मेरे वे भी है आधे , कह दो सकल जहान से।। ...
जीवन की सुंदर नौका के, हम दो खेवनहार।
साथ चलेंगे तो कर लेंगे, भवसागर को पार।
दुःख-सुख हम झेला करते है, बस अनुभव से, ज्ञान से।।
रहे सुखी ये प्यारा चंदा, तो मै भी सुख पाऊंगी।
बिना तुम्हारे मेरे प्रियतम, गीत नही गा पाऊंगी।।
रिश्ते हो मजबूत, उठें जब- मान और अपमान से।।
मेरा चंदा रहे सलामत, यही अर्ज़ भगवान से।
नीलगगन के प्यारे चंदा, सुन बतियाँ यह ध्यान से।।...
रचनाकार : गिरीश पंकज
वे मेरी सपनो की आशा, उनके बिना अधूरी हूँ।
पास रहे वे तो लगता है, तन-मन से मै पूरी हूँ।
बिन मेरे वे भी है आधे , कह दो सकल जहान से।। ...
जीवन की सुंदर नौका के, हम दो खेवनहार।
साथ चलेंगे तो कर लेंगे, भवसागर को पार।
दुःख-सुख हम झेला करते है, बस अनुभव से, ज्ञान से।।
रहे सुखी ये प्यारा चंदा, तो मै भी सुख पाऊंगी।
बिना तुम्हारे मेरे प्रियतम, गीत नही गा पाऊंगी।।
रिश्ते हो मजबूत, उठें जब- मान और अपमान से।।
मेरा चंदा रहे सलामत, यही अर्ज़ भगवान से।
नीलगगन के प्यारे चंदा, सुन बतियाँ यह ध्यान से।।...
रचनाकार : गिरीश पंकज
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