सरकारी की नकारा नीतियों और आम आदमी के हक में उठने वाली आवाज को दबाने की दमनकारी सरकारी नीति के खिलाफ अन्ना के अनषन में देश की जनता ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। जनता के अभूतपूर्व प्रदर्शन और एकजुटता से ऐसा आभास हुआ कि देश की जनता के मन में वर्तमान राजनीतिक व्यवस्था और दलों के प्रति कितनी नफरत और नाराजगी है। अन्ना के अनशन को जिस अनाड़ी तरीके से कांग्रेस नीत यूपीए सरकार ने डील किया है उससे आम आदमी की नजर में कांग्रेस गुनाहगार बन गयी।
जन लोकपाल कानून, भ्रष्टाचार, कालेधन, घपले, घोटालों और तमाम दूसरे मुद्दों का ठीकरा कांग्रेस के माथे फूट रहा है और जनता की सारी नाराजगी कांग्रेस के ही खाते में जमा हो रही है। हिसार उप चुनाव के दौरान अन्ना और उनकी टीम ने जिस तरह खुले आम कांग्रेस प्रत्याशी को वोट न देने का ऐलान जनता से किया उससे टीम अन्ना पर भी उंगुलिया उठने लगी है। देश के वर्तमान हालातों से ऐसा लग रहा है कि अन्ना और देश की जनता केवल कांग्रेस को ही गुनाहगार समझने लगी है।
ये सच है कि वर्तमान में यूपीए सरकार का सबसे बड़ा घटक दल कांग्रेस ही है, वहीं देष पर सबसे अधिक राज भी कांग्रेस ने ही किया है लेकिन इसका ये अर्थ कदापि नहीं लगाना चाहिए कि केवल कांग्रेस ही गुनाहगार है। जन लोकपाल बिल और काले धन के मुद्दे पर जितनी कांग्रेस दोषी है उतने गुनाहगार देष के दूसरे राजनीतिक दल भी हैं। आज विपक्ष में बैठकर जो दल कांग्रेस को घेरने और कीचड़ उछालने में लगे हैं उन दलों का चरित्र और चेहरा भी जन लोकपाल बिल पर सहमति के दौरान उजागर हो चुका है। लबोलुआब यह है कि हमाम में सभी नंगे हैं।
जन लोकपाल कानून, भ्रष्टाचार, कालेधन, घपले, घोटालों और तमाम दूसरे मुद्दों का ठीकरा कांग्रेस के माथे फूट रहा है और जनता की सारी नाराजगी कांग्रेस के ही खाते में जमा हो रही है। हिसार उप चुनाव के दौरान अन्ना और उनकी टीम ने जिस तरह खुले आम कांग्रेस प्रत्याशी को वोट न देने का ऐलान जनता से किया उससे टीम अन्ना पर भी उंगुलिया उठने लगी है। देश के वर्तमान हालातों से ऐसा लग रहा है कि अन्ना और देश की जनता केवल कांग्रेस को ही गुनाहगार समझने लगी है।
ये सच है कि वर्तमान में यूपीए सरकार का सबसे बड़ा घटक दल कांग्रेस ही है, वहीं देष पर सबसे अधिक राज भी कांग्रेस ने ही किया है लेकिन इसका ये अर्थ कदापि नहीं लगाना चाहिए कि केवल कांग्रेस ही गुनाहगार है। जन लोकपाल बिल और काले धन के मुद्दे पर जितनी कांग्रेस दोषी है उतने गुनाहगार देष के दूसरे राजनीतिक दल भी हैं। आज विपक्ष में बैठकर जो दल कांग्रेस को घेरने और कीचड़ उछालने में लगे हैं उन दलों का चरित्र और चेहरा भी जन लोकपाल बिल पर सहमति के दौरान उजागर हो चुका है। लबोलुआब यह है कि हमाम में सभी नंगे हैं।
वो मिले भी तो फकत खुदा के दरबार में
ReplyDeleteअब तुम ही कहो हम इबादत करते या मोहब्बत .....