दिल्ली विश्वविद्यालय के एक संस्कृत शिक्षक ने एक दलित छात्र को ज्योतिष पढ़ाने से यह कहते हुए इंकार कर दिया कि ज्योतिष शास्त्र तुम्हारी जाति के लिए नहीं है. आखिर क्यों मुट्ठी भर लोग आज भी दकियानूसी विचारों से ग्रस्त होकर नफ़रत का ज़हर घोल रहें हैं इस देश में?
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