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Sunday, September 11, 2011

डाइट की मान्यता खतरे में

नवगठित बेमेतरा जिले में अस्थाई कलेक्टर कार्यालय के लिए दुर्ग कलेक्टर ने डाइट भवन को चयनित किया है। इससे डाइट को किसी दूसरे भवन में स्थानांतरित करने से उसकी मान्यता खतरे में पड़ सकती है।
पूर्व जनपद पंचायत उपाध्यक्ष बहल वर्मा ने कहा कि डाइट की मान्यता देने में भारत सरकार की राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद नई दिल्ली की प्रमख भूमिका होती है। डाइट में डीएड कोर्स संचालित करने के लिए बाध्य हैं। इसमें भवन का निर्मित क्षेत्रफल भी एक है। यहां 200 युवक प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। यहां की मान्यता देने के लिए एनसीटीई के प्रतिनिधि इस साल आए थे। उन्होंने अपने प्रतिवेदन में भवन को दो सौ सीट के लिए अपर्याप्त बताते हुए डाइट के प्राचार्य को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। दिल्ली से मान्यता प्राप्त करने के लिए भवन का विस्तार करना अनिवार्य है। यदि यहां से डाइट को स्थानांतरित करने पर मान्यता समाप्त की जा सकती है। उन्होंने बताया कि मान्यता के बारे में प्राचार्य ने सौ रुपए का स्टाम्प में शपथ दिया है कि भवन में शिक्षक प्रशिक्षण के अलावा अन्य कोई कार्य के लिए उपयोग नहीं किया जाएगा। यदि कलेक्टर कार्यालय इस भवन में प्रारंभ होगा तो प्राचार्य का शपथ पत्र झूठा होगा। ऐसी स्थिति में गलत शपथ पत्र देने के लिए प्राचार्य के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। साथ ही डीएड पाठ्यक्रम की मान्यता भी समाप्त होगा। जिससे 200 प्रशिक्षणार्थियों का भविष्य अंधकारमय हो जाएगा। यहां दुर्ग जिले के 12 विकासखंड के प्रशिक्षणार्थी प्रशिक्षण ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसके मद्देनजर जिला प्रशासन को अस्थाई कलेक्टर कार्यालय के लिए दूसरे स्थान का चयन करना चाहिए।

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