मेरी खामोशी के किस्से पुराने हो गए है,
लो जी वो मेरे दीवाने हो गए है,
नफरत थी उन्हें मेरे जिन गीतों से कभी
आज उनके लबो के तराने हो गए गए है,
मेरे घरोदें पर हसते देखा था उन्हें,
मेरे घर अब उनके घराने हो गए है,
नए नए आशिक की खुशबू है उनमे
वो कहते है उनको जमाने हो गए है
जी जलता रहा मै शम्मा की खातिर
खबर है की वो भी “परवाने” हो गए है…
मेरी खामोशी के किस्से पुराने हो गए है,
लो जी वो मेरे दीवाने हो गए है………
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