मित्रता एक ऐसा बंधन है जो लोगों के मनों को जोड़ता है, यह एक ऐसा बंधन है जो कि सामाजिक रूप से हम पर थोपा नहीं जाता ! ये एक ऐसा रिश्ता है जो अन्य रिश्तों की भांति बाध्य नहीं, जैसे भाई – भाई का रिश्ता, भाई – बहिन का रिश्ता या कोई अन्य रिश्ता जो सामाजिक बंधनों से उत्पन्न होता है ! मित्रता इंसान खुद अपने विवेक से और अपने दिल से करता है, इसलिए ये रिश्ता ज्यादा गहरा होता है
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