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Monday, July 4, 2011

आंखों से अश्क हुए ओझल,


जो भर दे वो अक्सीर कहां?
मेरे लावारिस अश्कों को,
जो थामे वो मनमीत कहां?
मेरे अंधियारे आंगन में,
जो दीया जले तकदीर कहां ?
मेरे तन्हा से आलम में,
जो रंग भरे वो यार कहां?
आहें भर भर के हार गये,
अब उनमें भी तासीर कहां?
जब नायक ही खलनायक हों
तब मिलता है इंसाफ़ कहां?
ख्वाबों के महल सब टूट गये,
बेजान हुए अब जीएं कहां?
आंखों से अश्क हुए ओझल,
पर दर्दे जिगर थमता है कहां?
ये दुनिया जंगल पत्थर की,
खिलना मुरझाना जाने कहां?
शीशे का समझ कर जामे जिगर,
यूं मय को पीया और बहक गया,
हम टुकड़े टुकड़े चुनते रहे,
जो टूट गया सो टूट गया
गीत मिले ना साज रहे,
हो मुग्ध मधुर संगीत कहां?
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छुप गया जो चाँद..........................
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दिल ही दिल में आपका ख्याल रह गया
मिल न पाए फिर कभी मलाल रह गया
था अबीर वादियों में तुम नहीं मिले
मुट्ठियों में बंद वो गुलाल रह गया
इक हसीन हादसे का मैं शिकार हूँ
फिर किसी का रेशमी रुमाल रह गया
देख कर मेरी तरफ तो कुछ कहा नहीं
मुस्कुरा के चल दिए सवाल रह गया
छत न मिल सकी मुझे तो कोई गम नहीं
आसमाँ मेरे लिए विशाल रह गया
आप आ गए थे भूल से कभी इधर
वादियों में आपका जमाल रह गया
इस शेर में शुतुरगुर्बा का ऐब बन रहा था जिसका मुझे ज्ञान नहीं था ... गुरुदेव पंकज ने बहुत ही सहजता से इस दोष को दूर कर दिया ... पहले ये शेर इस प्रकार था ...
(आ गए थे तुम कभी जो भूल से इधर
वादियों में आपका जमाल रह गया)
गुरुदेव का धन्यवाद ...
छुप गया जो चाँद दिन निकल के आ गया
आ न पाए वो शबे विसाल रह गया
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ये ऐसा गीत है जिसको सभी ने मिल के गाना है
किसी का घर जलाने की कभी साजिश नहीं करना
जहां हों फूस के छप्पर वहां बारिश नहीं करना
जो पाना है तो खोने के लिए तैयार हो जाओ
जो खोने से है डर पाने की फिर ख्वाहिश नहीं करना
भरोसा गर नहीं होगा तो रिश्ते टूट जायेंगे
किसी को आजमाने की कभी कोशिश नहीं करना
जो खाली हाथ आये हो तो खाली हाथ है जाना
ये मेरा है ये मिल जाए ये फरमाइश नही करना
ये ऐसा गीत है जिसको सभी ने मिल के गाना है
जहर से शब्द कर्कश सी कोई बंदिश नही करना
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चलो जाने दो
अब छोरो भी
इतना भी क्या गुस्सा करना
कुछ अपनी कहो
कुछ मेरी सुनो
ये चुप ही चुप रहकर
दिल ही दिल में क्या कुढना
तुम ही मुझसे रूठ गए
तो किस से बात करू में ?
जी उट्ठा हूँ में तुमसे मिलके
तुम जो हूँ तो हूँ मैं
मुझसे इस पल हों तुम मुह फेरे
फिर भी हो तुम मेरे
देखो होता नहीं है अच्छा इतना चिड़ना
चलो जाने दो
अब चोरो भी
मेरे दिल के टुकड़े
मुझसे यु नाराज़ न हो
इतनी न मुझसे सजा डे
देखो कबसे तुम्हे बुलाये
मेरी तरसी बाहें
आओ प्यार करूँ मैं
बहुत हुआ लड़ना भिड़ना
चलो जाने दो अब चोरो भी

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