कितनी सस्ती है मेरे भारत के लोगो की जिंदगी
जब चाहे आंतकवादी आते है और लोगो को मार देते है
सरकार जाँच बेठा देती है मुआवजा दे दिया
जब चाहे आंतकवादी आते है और लोगो को मार देते है
सरकार जाँच बेठा देती है मुआवजा दे दिया
और क्या कर सकती है
और अगर कोई
पकड़ा गया तो जेल में बेठा के खातिरदारी कर सकती
और भूखे लोग मरते है
मरने दो पर जेल में बेठे आंतकवादी पर तो करोडो खर्च कर सकती है
और क्या कर
सकती है और तो कुछ कर नहीं सकती ,
धत लानत है..
एक दिन में काम तमाम भी कर सकती है अगर चाहे तो ....
उसका जो ये सब कर रहा है और उसका जो ये सब करवाते हैं
पर नहीं क्यों .........
क्यों
मरते है मेरे बढे -बूढ़े , भाई - बहन ...........
क्यों आखिर
क्यों ......क्यों ....क्यों.......... क्यों.......... क्यों ?
कितना भी कह लो कुछ नहीं होने वाला ..........यही होता आ रहा है....और इसी तरह मासूम मरते
रहेंगे...अगर देश यूँ ही सोता रहेगा तो.....
इसके लिए नाकाम सरकार के साथ
साथ थोडा दोष तो जनता का भी है....
जो विरोध नहीं करती... सिर्फ झेलती
है...आतंकवाद को...नाकाम खानग्रेस को........
घर में छुपे आतंकवादी सबको दिखाई दे
रहे हैं...ना जाने लोग क्यों नपुंसक चुप्पी साधे बैठे हैं...??
न कोई सवाल है न कोई जवाब ...........................
अमेरिका में एक बार ये सब हुआ तो उसने चुन - चुन के अपने दुश्मन ढूंढ़ लिए .........
मजाल जो एक और बार एसा होता......
पर, यहाँ तो रोज होता है ..........
...होगा क्यों नहीं, ....रोक नहीं सकते
तो ऐसे ही मरते रहेंगे मेरे भारत के लोग......
हे राम ........ हे राम !
...... मरने वालो की आत्मा को शांति दो ...............बस यही कर सकते हैं हम ..जय हिंद....... जय भारत....
और अगर कोई
पकड़ा गया तो जेल में बेठा के खातिरदारी कर सकती
और भूखे लोग मरते है
मरने दो पर जेल में बेठे आंतकवादी पर तो करोडो खर्च कर सकती है
और क्या कर
सकती है और तो कुछ कर नहीं सकती ,
धत लानत है..
एक दिन में काम तमाम भी कर सकती है अगर चाहे तो ....
उसका जो ये सब कर रहा है और उसका जो ये सब करवाते हैं
पर नहीं क्यों .........
क्यों
मरते है मेरे बढे -बूढ़े , भाई - बहन ...........
क्यों आखिर
क्यों ......क्यों ....क्यों.......... क्यों.......... क्यों ?
कितना भी कह लो कुछ नहीं होने वाला ..........यही होता आ रहा है....और इसी तरह मासूम मरते
रहेंगे...अगर देश यूँ ही सोता रहेगा तो.....
इसके लिए नाकाम सरकार के साथ
साथ थोडा दोष तो जनता का भी है....
जो विरोध नहीं करती... सिर्फ झेलती
है...आतंकवाद को...नाकाम खानग्रेस को........
घर में छुपे आतंकवादी सबको दिखाई दे
रहे हैं...ना जाने लोग क्यों नपुंसक चुप्पी साधे बैठे हैं...??
न कोई सवाल है न कोई जवाब ...........................
अमेरिका में एक बार ये सब हुआ तो उसने चुन - चुन के अपने दुश्मन ढूंढ़ लिए .........
मजाल जो एक और बार एसा होता......
पर, यहाँ तो रोज होता है ..........
...होगा क्यों नहीं, ....रोक नहीं सकते
तो ऐसे ही मरते रहेंगे मेरे भारत के लोग......
हे राम ........ हे राम !
...... मरने वालो की आत्मा को शांति दो ...............बस यही कर सकते हैं हम ..जय हिंद....... जय भारत....
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