बाबा रामदेव के सत्याग्रह पर आधी रात के बाद हुई पुलिस कार्रवाई को भाजपा और संघ परिवार समेत अन्य कई दलों व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र पर हमला और शर्मनाक घटना करार दिया।
भाजपा प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि लोकतांत्रिक आंदोलन से निपटने का यह तरीका नहीं है। सरकार ने जो कुछ किया वह बर्बर और असभ्य है, जिसे कतई स्वीकार नहीं किया जा सकता। पूरे घटनाक्रम की चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। आरएसएस के राम माधव ने कहा कि यह एक राजनीतिक साजिश है और सरकार को इस बारे में स्पष्टीकरण देना होगा। उन्होंने इसे शर्मनाक और चौंकाने वाला घटनाक्रम बताते हुए कहा कि सरकार ने शनिवार शाम जब वादा किया कि रामदेव से सहमति हो गई है और मामले को निपटाने के लिए उन्हें पत्र भेजा जा रहा है तो फिर अचानक पुलिस कार्रवाई क्यों की गई। भाकपा नेता डी राजा ने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से इस बारे में सवाल पूछा जाना चाहिए कि उन्होंने सभी राजनीतिक दलों और संसद को इस मसले पर सहमति में क्यों नहीं लिया था। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसा नहीं करने की कीमत चुका रही है। राजा ने भाजपा की ओर से इस घटनाक्रम की आलोचना किए जाने के बारे में पूछने पर कहा कि भाजपा भ्रष्टाचार के मामले में दोहरे मानदंड अपना रही है। एक ओर भाजपा कर्नाटक में भ्रष्टाचार के मसले पर चुप बैठी है और दूसरी तरफ सरकार को 2जी आदि मामलों में घेरती है।
भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि देश की राजधानी में इस प्रकार की बर्बर और अमानवीय कार्रवाई से आपातकाल की याद ताजा हो गई है। भाजपा इसकी कड़ी निंदा करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की मंशा शुरू से स्पष्ट नहीं थी। पहले सरकार तीन-चार मंत्रियों को बाबा के पास भेजती है, उनसे बात करने का स्वांग करती है। ऐसा दिखाने का प्रयास करती है कि वह इस विषय पर कितनी गंभीर हो। और मध्य रात्रि में इस प्रकार की बर्बर कार्रवाई की जाती है। प्रसाद ने कहा कि सरकार ने दो दिनों तक देश और बाबा के साथ छल किया। आंदोलनकारियों के साथ अमानवीय तरीके से व्यवहार किया है। यह पूछे जाने पर भाजपा की आगे की रणनीति क्या होगी, भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि पार्टी नेता लखनऊ में राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक से लौट रहे हैं। इस विषय पर विचार-विमर्श कर पार्टी अपनी रणनीति तय करेगी।
No comments:
Post a Comment
http://rktikariha.blogspot.com/