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Saturday, June 25, 2011

अमेरिका की मजबूरी बना पाकिस्तान

 

अब तक का सबसे बड़ा बयान

वाशिंगटन.अमेरिकी ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ माइक मुलेन ने कहा कि पाकिस्तान के साथ अमेरिकी रणनीतिक संबंध जोखिम भरे हैं, लेकिन अमेरिका के पास इस देश को साथ लेकर चलने के सिवा और कोई विकल्प ही नहीं है। कांग्रेस की एक बैठक के दौरान सांसदों को संबोधित करते हुए मुलेन ने कहा कि ऐसा शुरुआत से ही होता आया है। मैं पाकिस्तान के अनुसार सोचता हूं तो पता चलता है कि अस्थिर अफगानिस्तान को लेकर वे बहुत चिंतित हैं जो खुद उनके लिए काफी खतरा पैदा कर सकता है। इसलिए, इस क्षेत्र से कुछ हद तक स्थायित्व और शांतिपूर्ण परिणाम पाना महत्वपूर्ण है। मुझे विश्वास है कि यदि हम ऐसा करते हैं तो पाकिस्तान भी उसके लिए कदम उठाएगा।
मुलेन ने कहा कि अफगानिस्तान से अमेरिकी बलों की वापसी के ऊपर अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की घोषणा के बाद उन्होंने अपने पाकिस्तानी समकक्ष से बात की थी, लेकिन उनकी तरफ से तत्काल किसी तरह की प्रतिक्रिया नहीं दी गई। मुलेन ने कहा ‘मेरा मानना है कि पाकिस्तान फिलहाल बहुत कठिन दौर से गुजर रहा है।
लेकिन, राष्ट्रपति ओबामा और मेरे अलावा कई अन्य लोगों का भी मानना है कि रणनीतिक दृष्टिकोण से हमें इस संबंध को बनाए रखना होगा चाहे इसमें कितनी ही कठिनाई क्यों न हों।’ दूसरी ओर, सीआईए के नए निदेशक जनरल डेविड पेट्रास ने कहा है कि पाकिस्तान को आतंकी संगठनों के खिलाफ और कदम उठाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि पाक को उन सभी आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई करने की जरूरत है जो उसके साथ-साथ पड़ोसी देशों के लिए भी खतरा हैं। लियोन पैनेटा की जगह सीआईए की कमान संभालने जा रहे पेट्रास ने अमेरिकी सांसदों को सामने यह बात कही।
 

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