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Friday, June 10, 2011

हसीनाओं का हाथ थामना सपना बनकर रह गया इस टीम का

इंडियन प्रीमियर लीग टूर्नामेंट का प्रमुख आकर्षण चीयरगर्ल्स होती हैं। लेकिन काउंटी क्रिकेट के आयोजकों ने आईपीएल से एक कदम आगे बढ़ते हुए वॉक-ऑन गर्ल्स का प्रस्ताव रखा था। हालांकि दर्शकों के विरोध के बाद इसे बंद कर दिया गया।
सरे काउंटी ने

रचनात्मकता लाने के लिए क्रिकेटरों को ड्रेसिंग रूम से लेकर मैदान तक का काम हसीनाओं को सौंपने की योजना प्रस्तावित की थी। जिस प्रकार क्रिकेट मैचों में बच्चे खिलाड़ियों को एस्कॉर्ट करते हैं, वैसे ही महिलाएं काउंटी क्रिकेट में खिलाड़ियों को एस्कॉर्ट करतीं।
लेकिन सोशल नेटवर्किंग साइट ट्विटर पर काउंटी के प्रशंसकों ने इसका विरोध जताया है। इसी कारण सरे ने इस विचार को छोड़ दिया। सरे ने इस बात का ऐलान सोमवार को ओवल में हुए एसेक्स और सरे के बीच मुकाबले में किया था कि लड़कियां बल्लेबाजों को ड्रेसिंग रूम से क्रीज तक लेके जाएंगी।
सरे के कार्यकारी अधिकारी रिचर्ड गोल्ड ने कहा, "यहां मैचों में परिवार वाले भी आते हैं। हमें लोगों की प्रतिक्रियाएं आई थी कि ऐसा करने से वो खुद को काउंटी से अलग महसूस करेंगे। इसलिए हमने इरादा बदल दिया।"

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