DURGWALA
अधूरे-पूरे सपनो का शहर
Total Pageviews
Tuesday, June 7, 2011
कोई चिराग नहीं जलता
बेनूर नजरों में
कोई चिराग नहीं जलता
बहारों का मौसम भी
पतझड़ नहीं बदलता
और .....
तुमसे मिलने का
कोई भी वक़्त
क्यों तय नहीं होता.
No comments:
Post a Comment
http://rktikariha.blogspot.com/
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment
http://rktikariha.blogspot.com/