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Friday, May 22, 2009

आज भी............

आज भी............

ऋतेष कुमार टिकरिहा
आर्शीवाद समारोह के चंद घंटे पहले कोरबा शहर के अमरैय़या पारा के रहने वाले एक दुल्‍हे ने ट्रेन से कट कर आत्‍महत्‍या कर ली। ससुराल आने के दूसरे दिन ही भिलाई में एक नवविवाहिता ने फांसी लगा ली। हर दिन अखबारों में छपने वाली ये घटनाएं अब लोगों को सामान्‍य लगती हैं और पढ़ने के बाद भुला दी जाती है।
देखिए एक और घटना। कस्‍बाई नगर पाटन की रहने वाली एक 21 साल की युवती शादी के चार दिनों बाद वापस अपने मायके आई। युवती की शादी उसकी इच्‍छा की खिलाफ सिर्फ इसलिए जल्‍दबाजी में किया गया था, क्‍योंकि वह किसी विजातीय युवक से प्‍यार करने लगी थी और उसी से शादी करना चाहती थी। इससे पहले की युवती अपने प्रेमी के संग भाग जाती या शादी रचा लेती, परिजनों ने आनन-फानन में एक लड़का खोज कर उसके हाथ पीले कर दिए। विवाह के चार दिन बाद जब वह मायके आई, तो प्रेमी से मुलाकात हुई, उसने बेवफाई के लिए उलाहना दिया। इससे नवविवाहिता इतना क्षुब्‍ध हो गई कि घर लौटी और मिट़टी तेल छिड़क कर खुद को आग के हवाले कर दिया। आत्‍महत्‍या के लिए प्ररित करने के आरोप में प्रेमी को जेल भेज दिया गया। एक घटना ने तीन परिवारों की खुशियां तार-तार कर दिया। दूसरे घटना में सुहागरात के दिन ही नववधु ने पति के सामने खुलासा किया कि उसका विवाह उसके मर्जी के विरूद्व हुआ है। शादी के पहले वह एक लड़के से गहरा प्‍यार करती थी तथा अपना तनमन सब कुछ उसके नाम कर चुकी है। यह सुनकर पति के पैरों से जमीन हिल गई। उसने दूसरे दिन ही अपनी पत्‍नी को मायके छोड़ दिया। अलबत्‍ता न तो तलाक लिया, और न ही घटना का किसी से जिक्र किया। अब नवविवाहिता अपने प्रेमी के साथ विवाह रचाना चाहती है, मगर पति इसलिए तलाक देने से इंकार कर रहा है, क्‍योंकि पत्‍नी अपनी मा-पिता की इकलौती औलाद थी और उसके नाम पर शहर के व्‍यस्‍त बाजार में एक कांप्‍लेक्‍स किराये पर चल रहा है, जिसकी कीमत चार करोड रूपये से कम नहीं ।करोडों रू की प्रापर्टी वह हाथ से यूं ही नहीं जाने देना चाहता।
एक अन्‍य प्रकरण में एक व्‍यक्ति ने पहली पत्‍नी से बिना तलाक लिए दूसरी शादी कर ली है। पहली पत्‍नी से पैदा हुए दो लडकियां अब कालेज में पहुंच गई है, मगर आठ सालों में उसने एक भी बार पत्‍नी व बच्‍चों का सूध नहीं लिया। इतना सब होने के बावजूद पहली पत्‍नी को काफी कोशिशों के बावजूद तलाक नहीं मिल पा रहा है। भरण-पोषण भत्‍ता तो दूर की बात है। यहां बताना लाजिमी होगा कि उक्‍त महिला एक दैनिक समाचार पत्र की संवाददाता भी है। पत्रकार होने के बावजूद वह अपना अधिकार लेने से महरूम है, क्‍योंकि पति के खिलाफ कोर्ट अथवा पुलिस में जाने की उसमें हिम्‍मत नही है।
अभी तीन दिन पहले भिलाई में हिंदू युवक व ईसाई युवती चर्च में प्रेम विवाह कर रहे थे। हिंदूवादी दलों ने चर्च में बलात् घुसकर शादी रूकवा दिया। कहने का मतलब है कि आज भी पुरूषों के बनिस्‍बत् महिलाएं कदम कदम पर शोषण व अन्‍याय का शिकार होती है।

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