वोट डालना किसी की मज़बूरी नहीं , इसका ये मतलब नहीं वोट डालना जरुरी नहीं ,
शायद पहले किसी को वोट की अहमियत नहीं थी जब से सांसदों ने ये कहना शुरू
किया है हमे जनता ने चुना है , लोगो को वोट की कीमत का पता लगने लगा है ,
युवा जो हमेशा अपनी मस्ती में रहते थे , पिछले कुछ सालो से अलग नज़र आ रहे
हैं , पहले आन्दोलन और रैलियो में युवा बहुत कम नज़र आते थे , आजकल तो ऐसा
लगता आन्दोलन और रैली में सिर्फ युवा ही आते हैं , युवाओ का ऐसा जोश
देखकर सभी राजनितिक पार्टी डरी हुई हैं ,
आज का युवा अपने नेताओ को माफ़ करने को तैयार नहीं , संसद में उन्हें लड़ते
देख सोचता है क्या ये लोग देश चला रहे हैं , युवा सोचने पर मजबूर हो गए
किसकी गलती है जो आज नेता देश को मजबूत करने की बजाये कमजोर करने में लगे
हुए हैं , जिसने भी गंभीरता से सोचा एक ही नतीजे पर पहुंचा युवाओ का वोट
ना डालना और देश के लोगो की राजनीती के प्रति उदासीनता , इस बार वक़्त बदल
गया है , युवा घर से मोजमस्ती के लिए नहीं देश के लिए निकलने लगे हैं ,
आज के युवा का जोश, उड़ा रहा है नेताओ के होश ,
जो युवा घर से निकल कर करप्ट नेताओ के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं , ना
उन्हें कुर्सी का लालच है ना पैसे का और ना ही उन्हें किसी का डर है , '
जो डर जाए वो जवानी नहीं , रगों में युवा खून है पानी नहीं ' सच तो ये है
अगर हम सही रस्ते पर चल रहे हैं तो डर कैसा , आज युवा सही रस्ते पर चल
निकले हैं , 'देश का भविष अब युवा के हाथ , हर पार्टी हर नेता करेगा अब
युवा की बात ' यही वोट की ताकत है यही वोट क्रांति की ताकत है , आज नेता
युवा के वोट पाने के लिए हर मंच पर युवाओ की बात करने लगे हैं ,
इस बार वोटिंग किसी को जीतने के लिए नहीं देश को बचाने के लिए होगी , आज
देश कुछ नेताओ ,कुछ बड़े घरानों और कुछ विदेशी ताकतों के हाथ में खेल रहा
है , आम आदमी का तो कही नामो निशान नहीं , आज आम आदमी का खून चूसा जा
रहा है ,आमिर को और आमिर करने के लिए , सरकारों ने कमाई का सादन आम आदमी
की जेब को बना लिया है , आम आदमी की कमाई के तिन हिसे होने लगे हैं , एक
हिसा सरकार के पास जाता है ,दूसरा हिसा घड़े घरानों के खातो में जाता है ,
बाकि सरकारी अधिकारी लुट लेते हैं , बचता क्या है ठेंगा , 'वोट क्रांति '
आम आदमी की क्रांति होगी जो आम आदमी को महंगाई ,करप्शन और बड़े घरानों की
सरकार के साथ सांठ गांठ से बचाएगी ,
इस बार आम आदमी की आवाज बुलंद होगी ,
आम आदमी के खून से चलने वाली हर दुकान बंद होंगी ,
वोट क्रांति की मशाल नेताओ और बड़े घरानों को छोड़ सब को पसंद होगी ,
आम आदमी के खून से चलने वाली हर दुकान बंद होंगी , , जय हिन्द
संदीप गर्ग (सच कड़वा होता है ,मैं बहुत कडवा हूँ )
शायद पहले किसी को वोट की अहमियत नहीं थी जब से सांसदों ने ये कहना शुरू
किया है हमे जनता ने चुना है , लोगो को वोट की कीमत का पता लगने लगा है ,
युवा जो हमेशा अपनी मस्ती में रहते थे , पिछले कुछ सालो से अलग नज़र आ रहे
हैं , पहले आन्दोलन और रैलियो में युवा बहुत कम नज़र आते थे , आजकल तो ऐसा
लगता आन्दोलन और रैली में सिर्फ युवा ही आते हैं , युवाओ का ऐसा जोश
देखकर सभी राजनितिक पार्टी डरी हुई हैं ,
आज का युवा अपने नेताओ को माफ़ करने को तैयार नहीं , संसद में उन्हें लड़ते
देख सोचता है क्या ये लोग देश चला रहे हैं , युवा सोचने पर मजबूर हो गए
किसकी गलती है जो आज नेता देश को मजबूत करने की बजाये कमजोर करने में लगे
हुए हैं , जिसने भी गंभीरता से सोचा एक ही नतीजे पर पहुंचा युवाओ का वोट
ना डालना और देश के लोगो की राजनीती के प्रति उदासीनता , इस बार वक़्त बदल
गया है , युवा घर से मोजमस्ती के लिए नहीं देश के लिए निकलने लगे हैं ,
आज के युवा का जोश, उड़ा रहा है नेताओ के होश ,
जो युवा घर से निकल कर करप्ट नेताओ के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं , ना
उन्हें कुर्सी का लालच है ना पैसे का और ना ही उन्हें किसी का डर है , '
जो डर जाए वो जवानी नहीं , रगों में युवा खून है पानी नहीं ' सच तो ये है
अगर हम सही रस्ते पर चल रहे हैं तो डर कैसा , आज युवा सही रस्ते पर चल
निकले हैं , 'देश का भविष अब युवा के हाथ , हर पार्टी हर नेता करेगा अब
युवा की बात ' यही वोट की ताकत है यही वोट क्रांति की ताकत है , आज नेता
युवा के वोट पाने के लिए हर मंच पर युवाओ की बात करने लगे हैं ,
इस बार वोटिंग किसी को जीतने के लिए नहीं देश को बचाने के लिए होगी , आज
देश कुछ नेताओ ,कुछ बड़े घरानों और कुछ विदेशी ताकतों के हाथ में खेल रहा
है , आम आदमी का तो कही नामो निशान नहीं , आज आम आदमी का खून चूसा जा
रहा है ,आमिर को और आमिर करने के लिए , सरकारों ने कमाई का सादन आम आदमी
की जेब को बना लिया है , आम आदमी की कमाई के तिन हिसे होने लगे हैं , एक
हिसा सरकार के पास जाता है ,दूसरा हिसा घड़े घरानों के खातो में जाता है ,
बाकि सरकारी अधिकारी लुट लेते हैं , बचता क्या है ठेंगा , 'वोट क्रांति '
आम आदमी की क्रांति होगी जो आम आदमी को महंगाई ,करप्शन और बड़े घरानों की
सरकार के साथ सांठ गांठ से बचाएगी ,
इस बार आम आदमी की आवाज बुलंद होगी ,
आम आदमी के खून से चलने वाली हर दुकान बंद होंगी ,
वोट क्रांति की मशाल नेताओ और बड़े घरानों को छोड़ सब को पसंद होगी ,
आम आदमी के खून से चलने वाली हर दुकान बंद होंगी , , जय हिन्द
संदीप गर्ग (सच कड़वा होता है ,मैं बहुत कडवा हूँ )
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