Total Pageviews

Friday, June 29, 2012

कई स्त्रियों के लिए बेचैन रहने वाला व्यक्ति चौपट हो जाता है

कुछ ऐसे कार्य और आदतें बताई गई हैं जिनसे व्यक्ति का जीवन नष्ट हो जाता है। जो भी लोग इन कार्यों में लिप्त रहते हैं वे न तो कभी सुखी हो पाते हैं और ना ही पैसा बचा पाते हैं। इस संबंध आचार्य चाणक्य कहते हैं कि-
बिन विचार खर्चा करे, झगरे बिनहिं सहाय।
आतुर सब तिय में रहै, सो नर बेगि नसाय।।
इस दोहे में बताया गया है कि व्यक्ति को कौन-कौन से कार्य चौपट कर सकते हैं-
आचार्य चाणक्य कहते हैं कि जो बिना सोच-विचारे खर्च करते हैं वे बहुत ही जल्द चौपट हो जाते हैं। अनावश्यक रूप से किसी भी प्रकार का खर्च नहीं करना चाहिए। व्यर्थ खर्च करने वाला यदि कोई राजा-महाराजा भी हो तो वह भी चौपट हो जाता है।
जिन बच्चों के माता-पिता कम उम्र में ही अकेला छोड़ जाते हैं, माता-पिता की मृत्यु हो जाती है तो ऐसे बच्चा का भविष्य अंधकारमय हो जाता है। अनाथ लोग भी बहुत ही जल्द चौपट हो जाते हैं।
जो लोग बिना वजह हर किसी से झगड़ा करते हैं उन्हें समाज में अपमान ही झेलना पड़ता है। झगड़ा करने वाले लोगों को कोई पसंद नहीं करता है। इसी वजह से ऐसे लोग भी चौपट हो जाते हैं।
सबसे ज्यादा बुरी हालत उन लोगों की होती है जो बहुत सी स्त्रियों के लिए बेचैन रहते हैं। बहुत सी स्त्रियों आगे-पीछे चक्कर लगाते हैं। ऐसे लोग बहुत ही जल्द चौपट हो जाते हैं। जबकि जो लोग उनकी पत्नी के अतिरिक्त अन्य पराई स्त्रियों से मोह नहीं रखते हैं वे हमेशा सुखी और समृद्ध रहते हैं।

No comments:

Post a Comment

http://rktikariha.blogspot.com/